त्रिविमीय ज्यामिति का परिचय, नियम, सूत्र

त्रिविमीय ज्यामिति में तीन निर्देशांक होते है (x₁, y₁, z₁) (x₂, y₂, z₂) (x₃, y₃, z₃)  कक्षा-11 में त्रिविमीय ज्यामिति में कार्तीय विधि का अध्ययन करने को मिलता है। कक्षा-12 में सदिशों के बीजगणित की सहायता से त्रिविमीय ज्यामिति का अध्ययन करने को मिलता है। यहाँ पर सदिशों के बीजगणित की सहायता से त्रिविमीय ज्यामिति का अध्ययन करेंगे।
ये आपको पूर्ण रूप से तभी समझ में आएगा। जब आप सदिश बीजगणित का अध्ययन कर लेते है। यदि आपने अभी तक सदिश बीजगणित का अध्ययन नहीं किया है। तो नीचे दिए गए  Article Link पे click करके जाकर पढ़े। 
सदिश बीजगणित , निरूपण, प्रकार, योग कैसे हल करे

रेखा की द्विक कोज्या (Direction Cosine of a line)

माना एक निर्देशांक तल है जिसके मूलबिंदु  x-अक्ष,  y-अक्ष, z-अक्ष है। इन मूलबिंदु के कोण  α,β, γ   है। तब रेखा के लिए द्विक कोज्या
                                       l = cosα
                          m= cosβ
                           n = cosγ

रेखा के द्विक अनुपात

ऐसी तीन संख्याये a,b,c जो द्विक कोज्यायो l,m,n के समानुपाती होती है। उस रेखा के द्विक अनुपात कहलाती है।
                                   

दो बिन्दुओ को मिलाने वाली रेखा की द्विक कोज्या 

यदि दो बिंदु P = (x₁, y₁, z₁) तथा Q = (x₂, y₂, z₂) दिए गए है। तब PQ को मिलाने वाली रेखा की द्विक कोज्या

द्विक अनुपात  – a = (x₂-x₁)  b = (y₂-y₁) c = (z₂-z₁)

त्रिविमीय ज्यामिति के सूत्र 

1. द्विक कोसाइन ज्ञात करने के लिए

2. A = (x₁, y₁, z₁) B = (x₂, y₂, z₂) तो AB के बीच की दूरी के लिए
     

3.यदि बिंदु सरेंख है तो
                                       CA+AB = BC                        

4. AB का द्विक अनुपात =  (x₂-x₁), (y₂-y₁), (z₂-z₁)

5. AB की द्विक कोसाइन

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